सूचीसहित
१० पुस, काठमाडौं । नेपालमा क्रिश्चियन धर्म जनसंख्याको हिसाबले पाँचौं स्थानमा पर्छ । तर, पछिल्ला दिनमा क्रिश्चियन धर्मावलम्बीको प्रभाव विस्तार हुँदै गएको तथ्यांकले स्पष्ट पारेको छ ।जनगणना ०५८ अनुसार नेपालमा १ लाख १ हजार ५ यस २० जना क्रिश्चियन थिए । ०६८ सालको जनगणनासम्म आइपुग्दा यो संख्या तेब्बर बढेर ३ लाख ७५ हजार ६ सय ९९ पुगेको छ ।
जनसंख्याको हिसाबले नेपालमा हिन्दु, बौद्ध, इस्लाम र किरातपछि क्रिश्चियन धर्मावलम्वीहरु आउँछन् ।
मधेसी समुदायमा क्रिश्चियनको प्रभाव कमजोर
विशेष गरी हिन्दु धर्म र जातीय भेदभावले आक्रान्त रहेको मधेसी समाजमा क्रिश्चियनको प्रभाव नगन्य रहेको तथ्यांकले देखाएको छ । मधेसमा मस्लिम र हिन्दु दुबै धर्मको प्रभाव बलियो रहेकाले क्रिश्चियनहरु पस्न नसकेको देखिन्छ । तथ्यांक अनुसार ०५८ को जनगणना अनुसार सप्तरीमा ६९ र सिरहामा १३३ जना मात्रै क्रिश्चियन देखाइएको थियो । ०६८ को जनगणनामा यो संख्या क्रमशः ३ सय र ३५३ मात्र छ ।
त्यस्तै पछिल्लो जनगणना अनुसार धनुषामा ६ सय ५२ र महोत्तरीमा ८ सय ७८ जना मात्रै क्रिश्चियन रहेको देखाइएको छ । सर्लाहीमा पहाडे समुदायको बाक्लो बसाइसँगै क्रिश्चियनको संख्या १७ सय ५२ पुगेको तथ्यांकमा उल्लेख छ । मधेसी बाहुल्य रौतहट, बारा र पर्सामा हजार/पन्ध्र सयको हाराहारीमा मात्रै क्रिश्चियन छन् ।
मिथिला र भोजपुरामा क्रिश्चियनको प्रभाव न्यून देखिए पनि पहाडे समुदायको बाहुल्य रहेको झापा, मोरङ र सुनसरीमा ११ देखि १५ हजारसम्म क्रिश्चियनहरु छन् । ०५८ को तुलनामा यो दोब्बर संख्या हो ।
त्यस्तै चितवनमा १९ हजार, कैलालीमा १४ हजार र कञ्चनपुरमा ११ हजार क्रिश्चियन छन् । यी जिल्लामा क्रिश्चियनको प्रभाव बढिरहेको देखिन्छ ।
त्यस्तै चितवनमा १९ हजार, कैलालीमा १४ हजार र कञ्चनपुरमा ११ हजार क्रिश्चियन छन् । यी जिल्लामा क्रिश्चियनको प्रभाव बढिरहेको देखिन्छ ।
उपत्यका वरिपरि घेराबन्दी
क्रिश्चियन धर्मावलम्बीहरु उपत्यका र वरिपरिका जिल्लामा निकै बढेका छन् । ०५८ सालमा काठमाडौंमा साढे ८ हजारको संख्यामा रहेका क्रिश्चियन धर्मावलम्बीहरु ४० हजारमा पुगेका छन् । त्यस्तै ललितपुरमा पाँच हजारबाट बढेर २३ हजार पुगेको छ भने भक्तपुरमा ७ सयको संख्यामा रहेका क्रिश्चियनहरु बढेर ६ हजार हाराहारीमा पुगेका छन् ।
उपत्यका वरिपरि धादिङ, नुवाकोट, काभ्रे, सिन्धुपाल्चोक, मकवानपुर र रसुवा लगायतका जिल्लामा क्रिश्चियनको संख्या बढेको छ ।
किरात धर्मावलम्बीको बाहुल्य रहेका पूर्वी पहाडका जिल्लामा पनि क्रिश्चियन बढेको तथ्यांकले देखाएको छ ।
पश्चिमी जिल्लामा कमजोर प्रभाव
विसं. ०५८ को जनगणनामा कालिकोटमा एक जना पनि क्रिश्चियन नरहेको देखाइएको थियो । तर, ०६८ को जनगणना अनुसार ७५ जिल्लामा क्रिश्चियन धर्मावलम्बीहरु पुगिसकेका छन् । ०५८ सालमा हुम्लामा १ जना, मुगुमा ३ जना र डोल्पामा ४ जनामात्रै क्रिश्चियन धर्मावलम्बीहरु थिए । त्यस्तै दार्चुलामा ४ जना र बझाङमा ६ जनामात्रै क्रिश्चियन थिए । अहिले ती जिल्लामा सयभन्दा बढीको संख्यामा पुगेका छन् । यद्यपि देशका अन्य भागको तुलनामा भेरी कर्णालीमा क्रिश्चियनको संख्यामा खासै बढोत्तरी भएको देखिन्न । दलित समुदायको बाहुल्य रहेको जाजरकोटमा भने केही बढेको देखिएको छ ।
पहाडे समुदायको बाहुल्य रहेको सुर्खेत, कैलाली, कञ्चनपुर, बाँके र बर्दिया लगायतका पश्चिमी तराईमा क्रिश्चियन धर्मावलम्बीको उल्लेख्य वृद्धि भएको छ ।
१० वर्षमा कति बढे क्रिश्चियन ?
| क्र.सं | जिल्ला | ०५८ साल | ०६८ साल | कैफियत |
|---|---|---|---|---|
| १ | ताप्लेजुङ | ७२९ | १८७३ | |
| २ | पाँचथर | ८७३ | ३०३६ | |
| ३ | इलाम | १६०१ | ७२५२ | |
| ४ | झापा | ४८२४ | १५७४३ | |
| ५ | संखुवासभा | ९९९ | २३३१ | |
| ६ | तेह्रथुम | ५२० | १०४१ | |
| ७ | भोजपुर | ४४१ | ९८४ | |
| ८ | धनकुटा | १२२८ | २९१० | |
| ९ | मोरङ | ७२६३ | १५८४९ | |
| १० | सुनसरी | ४७३२ | ११३७९ | |
| ११ | सोलुखुम्बु | ८८८ | २३४३ | |
| १२ | खोटाङ | २०८३ | ४३१८ | |
| १३ | ओखलढुंगा | ५८८ | १३६३ | |
| १४ | उदयपुर | २३०९ | ७५८९ | |
| १५ | सप्तरी | १३३ | ३०० | |
| १६ | सिरहा | ६९ | ३५३ | |
| १७ | दोलखा | ५३४ | ३०४१ | |
| १८ | रामेछाप | ९१३ | ३१८८ | |
| १९ | सिन्धुली | ५४८ | २८९७ | |
| २० | धनुषा | २३० | ६५२ | |
| २१ | महोत्तरी | २०५ | ८७८ | |
| २२ | सर्लाही | ४९८ | १७५२ | |
| २३ | रसुवा | ५४१ | १८६२ | |
| २४ | धादिङ | ११४३४ | २१२४३ | |
| २५ | नुवाकोट | १४८१ | ४४६२ | |
| २६ | काठमाडौं | ८५८२ | ४०५९२ | |
| २७ | ललितपुर | ५६३४ | २३४८९ | |
| २८ | भक्तपुर | ७९५ | ५९८८ | |
| २९ | काभ्रे | ११२८ | ६७८६ | |
| ३० | सिन्धुपाल्चोक | ९२३ | ५२८० | |
| ३१ | मकवानपुर | ८१२९ | २०३५४ | |
| ३२ | रौतहट | २०९ | १०४९ | |
| ३३ | बारा | ४८२ | १६२१ | |
| ३४ | पर्सा | ३०१ | ७५३ | |
| ३५ | चितवन | ३६१४ | १९६८२ | |
| ३६ | गोरखा | २२६२ | ८८६० | |
| ३७ | मनाङ | २८ | ९३ | |
| ३८ | लमजुङ | ६४४ | ३००० | |
| ३९ | कास्की | ३०१६ | १०५३८ | |
| ४० | तनहुँ | ९५८ | ५४६७ | |
| ४१ | स्याङ्जा | २११ | ५८२ | |
| ४२ | गुल्मी | ११३ | ५६२ | |
| ४३ | पाल्पा | ३९० | २२९४ | |
| ४४ | अर्घाखाँची | ३३ | २१८ | |
| ४५ | नवलपरासी | ३६११ | १११८० | |
| ४६ | रुपन्देही | १५०१ | ५८२४ | |
| ४७ | कपिलवस्तु | १२० | १११५ | |
| ४८ | मुस्ताङ | ४९ | १५२ | |
| ४९ | म्याग्दी | ३६० | १५१३ | |
| ५० | बाग्लुङ | २५८ | १६८३ | |
| ५१ | पर्वत | १०८ | ६६६ | |
| ५२ | रुकुम | ४०७ | ३३१७ | |
| ५३ | रोल्पा | २८७ | ३८७१ | |
| ५४ | प्युठान | २६ | ५५४ | |
| ५५ | सल्यान | २०० | ३११४ | |
| ५६ | दाङ | ६४० | ७४३१ | |
| ५७ | डोल्पा | ४ | १४० | |
| ५८ | मुगु | ३ | ११३ | |
| ५९ | जुम्ला | १११ | ७१४ | |
| ६० | कालीकोट | ० | १३८ | |
| ६१ | हुम्ला | १ | १०० | |
| ६२ | जाजरकोट | ८६ | १४९१ | |
| ६३ | दैलेख | ७६ | १२०१ | |
| ६४ | सुर्खेत | २०१९ | १२०२२ | |
| ६५ | बाँके | १३७२ | ६४६६ | |
| ६६ | बर्दिया | १५३१ | ९२४१ | |
| ६७ | बाजुरा | ६१ | ८२ | |
| ६८ | अछाम | ४२ | ३४४ | |
| ६९ | बझाङ | ६ | ५१ | |
| ७० | डोटी | ४७ | २७३ | |
| ७१ | कैलाली | २१२६ | १४४९३ | |
| ७२ | दार्चुला | ४ | ७४ | |
| ७३ | बैतडी | ४३ | ५४ | |
| ७४ | डडेलधुरा | १७१ | ४७३ | |
| ७५ | कञ्चनपुर | ३५९० | ११९६२ | |
| कूल | ७५ जिल्ला | १०१५२० | ३७५६९९ |
